राम मंदिर पर शोध करने वाली एवं फैसले की इलेक्ट्रॉनिक रिपोर्ट तैयार करने वाली वकील शिवानी तुषिर महान धर्म वीरांगना शिवानी तुषिर
IAS बनने का सपना त्यागकर रामलला के मंदिर के लिए रण में कूद पड़ी थी शिवानी
अभी हाल ही में आये अयोध्या के श्री राम मंदिर निर्माण के फैसले पर आज पूरा देश खुशी से झूम रहा है। इस फैसले के आने के पीछे बहुत से लोगों की मेहनत रही है। उन्हीं में से एक प्रमुख नाम है अधिवक्ता शिवानी तुषिर।
शिवानी तुषिर एक युवा महिला वकील है जिसने अपनी यूपीएससी की तैयारी व सपना त्यागकर श्री राम मंदिर के केस पर शोध किया। उन्होंने व उनकी टीम ने लाखों रुपये की किताबे खरीदी, दिन रात बारीकी से अध्ययन किया और कोर्ट को एक नतीजे पर पहुंचाया। उन्होंने हिन्दू धर्म ग्रन्थों के अलावा बाबरनामा, आईने अकबर, कुरान जैसी किताबो का भी गहनता से अध्ययन करके सबूत जुटाए। पुराने केसों का भी उन्होंने बारीकी से अध्ययन किया और वकालत के क्षेत्र में एक अनूठा उदाहरण पेश कर दिया।
इतना ही नहीं शिवानी तुषिर ने 8000 पन्नो के फैसले की इलेक्टोनिक रिपोर्ट भी गहन अध्ययन व मेहनत से तैयार की। जिसके फलस्वरूप आज मन्दिर निर्माण का फैसला हमारे सामने हैं।
शिवानी का लक्ष्य आईएएस बनना था इसके लिए वह यूपीएससी की तैयारी करना चाहती थी लेकिन इस केस से जुड़ने के बाद उन्होंने अपनी तैयारी त्याग दी व पूरा समय व ध्यान और मेहनत राम लल्ला के मंदिर हेतु लगा दी। पिछले 2 साल से वे इस कार्य में जुटी हुई थी।उन्हें काफी परेशानियां आई लेकिन 92 साल के वकील पराशन को लगे देखकर उनका हौसला बढ़ जाता था।
फैसला आने पर शिवानी ने कहा कि उनका मकसद पूरा हो गया और ऐसा लग रहा है जैसे उन्होंने अपना सपना और अपना लक्ष्य पूरा कर लिया हो।
शिवानी हरियाणा के सोनीपत जिले के गढ़ी ब्रह्मनान गांव की निवासी है।शिवानी ने अपने कैरियर की महान उपलब्धि हासिल करके पुरे देश में रामभक्त व एक अच्छे वकील के रुप में अनूठी पहचान बना ली है।
जय जय श्री राम।जय भारत माता।
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| वीरांगना वकील शिवानी तुषिर |
IAS बनने का सपना त्यागकर रामलला के मंदिर के लिए रण में कूद पड़ी थी शिवानी
अभी हाल ही में आये अयोध्या के श्री राम मंदिर निर्माण के फैसले पर आज पूरा देश खुशी से झूम रहा है। इस फैसले के आने के पीछे बहुत से लोगों की मेहनत रही है। उन्हीं में से एक प्रमुख नाम है अधिवक्ता शिवानी तुषिर।
शिवानी तुषिर एक युवा महिला वकील है जिसने अपनी यूपीएससी की तैयारी व सपना त्यागकर श्री राम मंदिर के केस पर शोध किया। उन्होंने व उनकी टीम ने लाखों रुपये की किताबे खरीदी, दिन रात बारीकी से अध्ययन किया और कोर्ट को एक नतीजे पर पहुंचाया। उन्होंने हिन्दू धर्म ग्रन्थों के अलावा बाबरनामा, आईने अकबर, कुरान जैसी किताबो का भी गहनता से अध्ययन करके सबूत जुटाए। पुराने केसों का भी उन्होंने बारीकी से अध्ययन किया और वकालत के क्षेत्र में एक अनूठा उदाहरण पेश कर दिया।
इतना ही नहीं शिवानी तुषिर ने 8000 पन्नो के फैसले की इलेक्टोनिक रिपोर्ट भी गहन अध्ययन व मेहनत से तैयार की। जिसके फलस्वरूप आज मन्दिर निर्माण का फैसला हमारे सामने हैं।
शिवानी का लक्ष्य आईएएस बनना था इसके लिए वह यूपीएससी की तैयारी करना चाहती थी लेकिन इस केस से जुड़ने के बाद उन्होंने अपनी तैयारी त्याग दी व पूरा समय व ध्यान और मेहनत राम लल्ला के मंदिर हेतु लगा दी। पिछले 2 साल से वे इस कार्य में जुटी हुई थी।उन्हें काफी परेशानियां आई लेकिन 92 साल के वकील पराशन को लगे देखकर उनका हौसला बढ़ जाता था।
फैसला आने पर शिवानी ने कहा कि उनका मकसद पूरा हो गया और ऐसा लग रहा है जैसे उन्होंने अपना सपना और अपना लक्ष्य पूरा कर लिया हो।
शिवानी हरियाणा के सोनीपत जिले के गढ़ी ब्रह्मनान गांव की निवासी है।शिवानी ने अपने कैरियर की महान उपलब्धि हासिल करके पुरे देश में रामभक्त व एक अच्छे वकील के रुप में अनूठी पहचान बना ली है।
जय जय श्री राम।जय भारत माता।

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